चौंकाने वाला खुलासा: नीति आयोग अब संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों के भरोसे
नई दिल्ली: देश की विकास नीतियों को दिशा देने वाली सर्वोच्च संस्था ‘नीति आयोग’ इस समय बड़े पैमाने पर संविदा कर्मचारियों के सहारे चल रही है। यह खुलासा हाल ही में RTI के माध्यम से मांगी गई जानकारी में सामने आया है।
नागपुर के आरटीआई कार्यकर्ता संजय थुल द्वारा दायर एक आवेदन के जवाब में नीति आयोग के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO) ने यह जानकारी दी है।
RTI में क्या निकलकर आया? आंकड़ों के अनुसार, नीति आयोग में काम करने वाले सलाहकारों (Consultants) और युवा पेशेवरों (YPs) का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से अनुबंध के आधार पर काम कर रहा है।
कुल संविदा कर्मचारी: 3 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, आयोग में 142 सलाहकार और 156 युवा पेशेवर कार्यरत हैं।
नहीं है नियमित स्टाफ: नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये पेशेवर ‘नियमित स्टाफ’ की श्रेणी में नहीं आते हैं, बल्कि इनकी नियुक्ति केवल अनुबंध पर हुई है।
पद की स्थिति: 7 जुलाई 2023 की गाइडलाइन्स के अनुसार, आयोग में ऐसे संविदात्मक पदों की कुल स्वीकृत संख्या 450 है।


